Wednesday, 1 January 2014

नववर्ष में भाजपा-कांग्रेस करें आत्ममंथन

नई दिल्ली। लोकसभा में विरोधी दल की नेता सुषमा स्वराज ने दिल्ली में भाजपा की हार व आप के बढ़ते कदम के लिए दिल्ली प्रभारी पर परोक्ष रूप से प्रहार किया है। सुषमा स्वराज ने मंच से कहा कि उन्होंने आप द्वारा सेंघ लगाने की ओर ध्यान आकृष्ट किया लेकिन इस पर ध्यान ही नहीं दिया गया।
 नेता विरोधी दल के इस ब्यान के बाद भाजपा में महाभारत मची हुई है। सुषमा स्वराज जमीन से जुड़ी नेत्री रही है और उन्हें अवश्य इस बात का अंदाजा चुनाव परिणाम से पूर्व हो गया होगा कि अरविन्द केजरीवाल की पार्टी जनाधार बढ़ा रही है।  सुषमा स्वराज ही नहीं देश की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाला ‘‘मदर इंडिया पत्रिका ने अपने 10 नवम्बर 2013 के सम्पादकीय में साफ-साफ लिख दिया था कि’’  ‘‘भाजपा सत्ता के काफी करीब पहुंच चुका था, कांग्रेसी के सांस, भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर फूल रहे थे लेकिन सी.एम. इन वेटिंग के चक्कर में भाजपा पुनः काफी पिछड़ चुका है। जिसका अंदाजा उसे मतगणना के बाद हो जाएगा कि आपसी लड़ाई में पार्टी, सत्ता से कैसे दूर खिसक जाती है’’ अगर आपको विश्वास न हो तो।www.motherindiamagazine.com पर जाकर सम्पादकीय के नीचे से तीन लाइन अभी भी पढ़ सकते हैं।
 दिल्ली में भाजपा 43 से अधिक  सीट प्राप्त करने की स्थिति में थी लेकिन टिकट बंटवारे में हुई बंदरवांट, देर से टिकट का वितरण, जमीनी कार्यकर्ताओं  की उपेक्षा व अपने ही प्रदेश अध्यक्ष पर ईमानदार चेहरा के नाम पर प्रश्न चिन्ह लगाना उसके लिए घातक साबित हुआ है।
 आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार व मंहगाई के मुद्दे पर व भाजपा की आपसी लड़ाई, निगम में व्याप्त आकंठ भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सत्ता की दौर से बाहर करने में कामयाब रहा।
 आम आदमी पार्टी को 28 सीट तो बहुत कम मिली है, जिस प्रकार दिल्ली के युवा एवं महिलाएं संगठित होकर मतदान किया उसकी सीट 47 के आस-पास जाकर रूकती लेकिन कुछ सीटों पर आम पार्टी के प्रत्याशी अपना दावा सही ढ़ंग से पेश नहीं कर पाया, कुछ सीट पर मतददाताओं को लगा कि कहीं कांग्रेस चुनाव न जीत जाय इसलिए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में अंतिम समय में बटन दबा दिया।
 आम आदमी पार्टी आज की तारीख में कांग्रेस व भाजपा दोनों के लिए चुनौती बन चुका है, दिल्ली ही नहीं देश की जनता दोनों पार्टी की गतिविधियों  पर पैनी नजर रख रही है। भाजपा-कांग्रेस ने उसे घेरने या गिराने का प्रयास किया तो वह काफी नुकसानदायक साबित होगा। आम आदमी पार्टी को, दोनों दलों को पूरा मौका देना होगा, राजनीतिक अनुभवहीनता के कारण वह उलझती जायेगी और आम लोग उससे हद से अध्कि उम्मीद लगा बैठे हैं, उनका मोहभंग होगा फिर  वह अपने कारणों से गिरेगी।

कांग्रेस व भाजपा दोनों को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर क्यों तीसरा दल बजूद में आया। निगम में भाजपा 7 वर्षों से शासन में है, कांग्रेस पन्द्रह वर्षों से दिल्ली सरकार में थी फिर  आम लोग क्यों नहीं संतुष्ट है। युवा व महिलाएं क्यों भाजपा व कांग्रेस का नाम सुनते ही दहाड़ उठती है, आखिर कारण क्या है।
 कांग्रेस के शासन में दिल्ली विकास अवश्य किया, लेकिन कांग्रेसी विधायक , मंत्री, संगठन न तो युवा व महिलाओं को अपने विकास कार्यों से अवगत करा सका, न ही निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को मुद्दा बना सका। भाजपा और कांग्रेस दोनों के मुख्य कर्ताधर्ता आपस में खिचड़ी पकाते रहें , अपने  हेल्थ व वेल्थ को बढ़ाते रहे, आम जनता को मंहगाई व भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया। भाजपा का पन्द्रह वर्षों की विपक्षी भूमिका भी आम लोगों के हीत में आवाज उठाने की जगह हेल्थ व वेल्थ बढ़ाने में रहा, निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने के जितने दावे किये गये, भ्रष्टाचार उतना ही बढ़ता रहा। आंख बंद कर लेने से सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। 
इन्हीं शब्दों के साथ नववर्ष की बधाई ।   
  
ललित 'सुमन' 

Tuesday, 17 July 2012

यूपी के मंत्री ने कहा, बच्चों की पिटाई जरूरी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के एक मंत्री महोदय ने कहा है कि बच्चों की पिटाई होना बहुत जरूरी है, नहीं तो वे उद्दंड हो जाते हैं। पता नहीं किस सदी में जी रहे हैं मंत्री महोदय। उन्हें शायद इस बात का इल्म नहीं है कि चाइल्ड साइकलॉजी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, यह बात सभी मानते हैं कि बच्चों को मार की नहीं बल्कि प्यार-दुलार की अधिक जरूरत होती है। यदि बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है तो उसे प्यार से समझा कर पढ़ाई की ओर मोड़ा जा सकता है, लेकिन उसे मारना-पीटना तो दूर किसी भी तरह से प्रताड़ित करना उचित नहीं है। स्कूलों के लिए तो बाकायदा यह नियम-कानून का मामला है। कोई भी शिक्षक स्कूली बच्चे को मार-पीट नहीं सकता। यदि ऐसा करता है तो अभिभावक की शिकायत पर उसके और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला बन सकता है। यूपी के मंत्री राम गोविंद चौधरी के इस बयान पर विवाद होना लाजिमी था, जो हो रहा है। चौधरी ने कहा कि यदि बच्चों की स्कूल में पिटाई न की जाए तो उनका मन पढ़ाई में नहीं लग सकता। बच्चों की पिटाई होना जरूरी है, नहीं तो वे बिगड़ जाते हैं। जब मैं छोटा था तो मेरे शिक्षक भी मुझे बहुत पीटते थे। पिटाई से बच्चे अनुशासित रहते हैं, नहीं तो उनमें उद्दंडता आ जाती है। शुक्र है मंत्री जी ने सिर्फ बयान भर दिया है, यदि उनका वश चलता तो वे इसे कानून ही बना डालते। बाल-बाल बच गए यूपी के बच्चे। 

Sunday, 1 July 2012

शेट्टर को CM बनाने बागी कैंप ने रखी समयसीमा

कर्नाटक में बगावत पर उतरे बी एस येदियुरप्पा धड़े ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने की गरज से जगदीश शेट्टर को मौजूदा डीवी सदानंद गौड़ा के स्थान पर मुख्यमंत्री बनाने के लिए पांच जुलाई तक का समय दिया है। येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले राज्य से लोकसभा के सदस्य, विधायक और पार्षद रविवार को शेट्टर के आवास पर जमा हुए और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर उनके प्रति अपना समर्थन दोहराया। इससे एक दिन पहले भाजपा के दूत धर्मेन्द्र प्रधान ने संकट को हल करने के लिए विरोधी गुटों से विचार विमर्श किया। संकट के चलते पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के प्रति आस्थावान नौ मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इस समूह की तरफ से बोलते हुए नौ मंत्रियों में से एक राजू गौड़ा ने कहा कि हमने सर्वसम्मति से शेट्टर को मुख्यमंत्री बनाने के बारे में आलाकमान से अपील करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि 55 से ज्यादा विधायकों, 15 पार्षदों और आठ सांसदों ने आज की बैठक में हिस्सा लिया। 

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Thursday, 28 June 2012

यूपी ‌फ‌िर शर्मसारः चार साल की बच्ची से रेप

मानवता को शर्मसार करते हुए बीस साल के एक युवक ने चार साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बना लिया। घटना उस वक्त हुई जब बालिका घर से दुकान पर सामान लेने के लिए गई थी। युवक ने अपने घर की छत पर ले जाकर बालिका को हवस का शिकार बना लिया। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद बालिका की हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भरती कराया गया है।

मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना गंज थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। इस मुहल्ले में एक महिला अपने परिवार के संग रहती है। महिला की चार साल की बेटी बुधवार की रात करीब नौ बजे मुहल्ले में ही स्थित एक दुकान पर सामान लेने गई थी। आरोप है कि मुहल्ले का ही एक युवक उसे बहला फुसलाकर अपने घर की छत पर ले गया, जहां उसको हवस का शिकार बना लिया। बताया जाता है कि युवक घर में अकेला था।

घटना के बाद बालिका की हालत बिगड़ गई तो युवक के हाथ पांव फूल गए। इस बीच परिजनों ने बेटी की तलाश शुरू की तो पता चला कि बालिका के साथ इस तरह की घटना हुई है। मामले की जानकारी गंज पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी एक्टिव हो गई। पुलिस ने बालिका को जिला महिला अस्पताल में भरती कराया है। बालिका की मां की ओर से मुहल्ले के युवक सोनू के खिलाफ बलात्कार करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। घटना की जानकारी पाकर एसपी डा.प्रीतिंदर सिंह ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया।

Sunday, 24 June 2012

संघ ने नीतीश पर साधा निशाना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मांग भाजपा को अलग-थलग करने और संघ को बचाव की मुद्रा में लाने का विश्वासघाती प्रयास है। भाजपा को 2014 के अकेले ही लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने की सलाह देते हुए कहा गया कि उसे सेकुलर व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की नीतीश की भ्रामक बात पर ध्यान दिए बिना मोदी जैसे नेता और विकास के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखते हुए किसी भी कीमत पर इसे धमनिरपेक्षता बनाम साम्प्रदायिकता की अराजक बहस में नहीं बदलने देना चाहिए। संघ के अंग्रेजी और हिंदी के मुखपत्रों आर्गेनाइजम्र तथा पांचजन्य के ताजम अंकों में पार्टी को यह हिदायत दी गई। आर्गेनाइजम्र में कहा गया है कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की स्थिति में अगर ऐसे सहयोगी (जदयू) अलग होना चाहते हैं तो भाजपा को अपने बूते पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसे में कोई नुकसान होने वाला नहीं है। अगर होता है तो भी आत्मा खोने से बेहतर है चुनाव में अस्थाई हार का सामना करना। इसमें कहा गया है कि जैसे-जैसे 2014 के चुनाव पास आते जाएंगे, कांग्रेस और अन्य दलों का मोदी विरोधी अभियान तेज होता जाएगा। इससे विचलित नहीं होने की भाजपा को सलाह देते हुए कहा गया है कि मोदी को निशाना बनाने से हिंदू वोट भाजपा के पक्ष में संगठित होगा और इस वोट को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा को अलग से कोई प्रयास नहीं करना पड़ेगा। लेख में भाजपा को भरोसा दिलाया गया है कि मोदी को निशाना बनाने से संप्रग के कथित कुशासन से पार्टी का प्रचार पटरी से नहीं उतरने पाएगा। इसमें कहा गया है कि भाजपा प्रचार के केंद्र में नरेंद्र मोदी जैसे नेता के आ जाने से चुनाव अभियान अपने आप विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर केंद्रित हो जाएगा। इसमें कहा गया है कि मोदी के नाम पर कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल अगर चुनाव प्रचार का साम्प्रदायिकरण करना चाहेंगे तो इससे भाजपा को लाभ ही मिलेगा। आर्गेनाइजम्र के लेख में भाजपा से सवाल किया गया है कि चुनाव में क्या मुसलमानों को लुभाने के लिए उसे किसी नरम छवि वाले नेता को पेश करने की आवश्यकता है अपने सवाल का खुद ही जवाब देते हुए इसमें कहा गया कि बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता की यह मुस्लिम केंद्रित मांग न सिर्फ दोषपूर्ण है बल्कि भाजपा को अलग-थलग करने और संघ को रक्षात्मक स्थिति में लाने का विश्वासघाती प्रयास है। इसमें कहा गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश किए जाने के समय भी देश के किसी भी चुनाव क्षेत्र में मुसलमानों ने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं किया था। इसलिए मुसलमानों में भाजपा की स्वीकार्यता बनाने के नाम पर प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के बजाए किसी उदार चेहरे को उतारने के तर्क के कतई स्वीकार नहीं किया जाए। उधर, संघ के हिंदी मुखपत्र पांचजन्य के संपादकीय में प्रश्न किया गया है कि देश का प्रधानमंत्री सेकुलर हो, यह कहने का अर्थ क्या है...वोट की राजनीति ने हमारे समाज को बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक, सांप्रदायिक और सेकुलर आदि में विभाजित करके देश को जो नुकसान पंहुचाया है, उसे अब और भी गहराने की साजिश हो रही है। संपादकीय में सवाल किया गया है कि देश के बहुसंख्यक हिंदुओं के हितों की चिंता करने वाली सरकार और प्रधानमंत्री क्यों नहीं होना चाहिए।

डॉक्टरों ने माही को मृत घोषित किया

हरियाणा में मानेसर के समीप एक गांव में बचावकर्मियों ने 70 फुट गहरे बोरवेल से चार साल की बच्ची माही को मृत दशा में रविवार को बाहर निकाला। वह चार दिन पहले बोरवेल में गिर गयी थी। गुड़गांव के जिलाधिकारी पी सी मीणा ने कहा कि माही को बोरवेल से निकाल लिया गया है, लेकिन वह मृत थी। कल देर रात बचावकर्ताओं ने इस बोरवेल में 20 जून से फंसी माही तक पहुंचने के लिए अपने प्रयास के तहत चटटान में भी छेद किया था। यह चट्टान एक बहुत बड़ी बाधा थी और बचावकर्मी पिछले तीन दिन से उसे तोड़ने के लिए संघर्षरत थे। मानसेर के समीप खो गांव में माही 20 जून को अपने चौथे जन्म दिन पर दोस्तों के साथ खेल रही थी, उसी दौरान अचानक वह बोरवेल में गिर गयी। सेना, अग्निशमन विभाग, पुलिस, गुड़गांव रैपिड मेट्रोरेल, स्वास्थ्य और राजस्व विभागों के 100 से अधिक अधिकारी इस बोरवेल के समानांतर एक गड्डा खोदकर माही को बचाने में जुटे थे।

Monday, 18 June 2012

राष्‍ट्रपति चुनाव : मेनका प्रणब के समर्थन में, बाल ठाकरे कल खोलेंगे पत्‍ते


नई दिल्‍ली. देश के नए राष्ट्रपति की उम्‍मीदवारी को लेकर भाजपा जोर का झटका धीरे से लगा है। एक ओर, जहां भाजपा सांसद मेनका गांधी प्रणब के समर्थन में उतर गई हैं तो दूसरी ओर, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे भी प्रणब के समर्थन में सामने आ सकते हैं। यूपीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को शिवसेना का समर्थन हासिल करने के लिए फोन करके बाल ठाकरे से बात की। माना जा रहा है कि मंगलवार को ठाकरे शिवसेना की वर्षगांठ पर किसी को समर्थन देने की घोषणा कर सकते हैं।शिवसेना भवन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति का चुनाव लडऩे के इच्छुक वरिष्ठ राकांपा नेता पी.ए. संगमा ने शिवसेना प्रमुख ठाकरे से मुलाकात का समय मांगा था। पर उन्हें मिलने का वक्त नहीं दिया गया। ठाकरे द्वारा संगमा को मुलाकात का वक्त न दिये जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा शुरू हो गई है कि शिवसेना प्रणब मुखर्जी को समर्थन देगी। शिवसेना की ओर से ठाकरे और मुखर्जी के बीच हुई बातचीत का अधिकृत ब्यौरा तो नहीं दिया गया है, परंतु इतना जरूर बताया जा रहा है कि मुखर्जी ने ठाकरे को फोन करके समर्थन देने की अपील की है। 

वहीं, देश के नए राष्‍ट्रपति को लेकर भाजपा सांसद और गांधी परिवार की बहू मेनका गांधी ने कहा है कि राष्‍ट्रपति का चयन आम सहमति से होना चाहिए। प्रणब मुखर्जी से मिलने के बाद मेनका गांधी ने कहा कि प्रणब अच्‍छे उम्‍मीदवार हैं।

दूसरी ओर, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सोमवार को साफ कर दिया कि वह राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं लड़ेंगे। कलाम को चुनाव में उतरने के लिए बीजेपी के नेताओं ने खूब मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्‍ण आडवाणी ने कलाम से फोन पर बात की लेकिन कलाम नहीं माने। आडवाणी के सलाहकार रहे सुधींद्र कुलकर्णी ने भी कलाम से दो बार मुलाकात की। लेकिन कलाम के करीबियों ने उन्‍हें सलाह दी कि उनके पक्ष में चुनाव जीतने के लिए जरूरी वोट नहीं हैं, ऐसे में चुनाव से दूर रहना ही बेहतर होगा। कलाम ने बयान जारी कर चुनाव नहीं लड़ने का अपना इरादा जाहिर किया। ममता को शक उधर, तृणमूल कांग्रेस राष्‍ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर चिंतित नहीं है। अब कलाम ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कि तो उम्‍मीद है कि ममता की पार्टी यूपीए और एनडीए से बराबर की दूरी बना सकती है। उधर, अपनी फेसबुक अपील को जोरदार समर्थन मिलने से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक ओर गदगद हैं तो दूसरी ओर देश के सियासी हालात पर संदेह भी जताया है। 

ममता ने फेसबुक पर मिल रहे समर्थन के लिए रविवार को एक पोस्ट में लोगों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा, देश के लिए इस महान कार्य को इतने कम समय में जबर्दस्त प्रतिक्रिया देने के लिए आप सभी को धन्यवाद। मुझे विश्वास है कि यह एकजुट आवाज मुद्दे को अगले स्तर तक ले जाएगी। 

हालांकि ममता ने राजनीति में नैतिकता और सिद्धांतों के घटते स्‍तर पर दुख भी जताया है। उन्होंने लिखा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे महान देश में राजनीति संदेहजनक हो गई है और धन, सत्ता और घोटालों के इस्तेमाल से मूल्यों, जनहित के साथ समझौता किया गया है। 

राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि कुछ नेता जनता के सामने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की नकारात्‍मक छवि पेश करने के अभियान में जुट गए हैं। इनका दावा है कि ममता और जयललिता राष्‍ट्रपति चुनाव में एक साथ नहीं खड़ी हो सकती हैं क्‍योंकि 1998 में एनडीए की बैठक में एक बार ममता ने जया के खिलाफ ईडी और इनकम टैक्‍स के मुकदमों का मसला उठाया था। केंद्रीय वित्‍त मंत्रालय ने तत्‍कालीन मानव संसाधन राज्‍य मंत्री ममता बनर्जी की ओर से लिखी गई एक चिट्ठी खोज निकाली है। इसमें ममता ने तत्‍कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से फेरा कानून के उल्‍लंघन का केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। ये नेता इस कोशिश में भी जुटे हैं कि राष्‍ट्रपति चुनाव के अन्‍य उम्‍मीदवारों की रेस में शामिल पीए संगमा और अब्‍दुल कलाम की छवि खराब कर दी जाए।