Saturday, 21 April 2012
पाक में विमान-हादसा: सभी 130 यात्रियों की मौत
Tuesday, 17 April 2012
सुहाने सफर की तरफ बढ़ रहा है आईपीएल-5
आईपीएल-5 ने रफ्तार पकड़ ली है...या कह लें कि एक लंबे सफर को तय करते हुए अब हम हाईवे पर हैं। यहां सब कुछ ठीक चल रहा है! 72 लीग मैचों के सफर में अब तक 19 खेले जा चुके हैं। अभी तक का जो सफर रहा है...उसमे पिछले साल के विजेता और उप-विजेता की वाट लगी हुई है। उम्मीद है ये टीमें वापसी करेंगी। विजेता चेन्नई 5 मैच में केवल 2 जीत के साथ छठे स्थान पर है तो उप विजेता रॉयल चैलेंजर्स 4 मैच में केवल 1 जीत के साथ आठवें पायदान पर है। वहीं पिछले साल की फिसड्डी टीमों में रहने वाली दिल्ली, पुणे और राजस्थान ने टॉप-3 पर कब्जा जमाया हुआ है। अभी तक के सफर में जिस टीम ने सही मायने में सुधार किया है वो है दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम। दिल्ली को पिछले सीजन में केवल 4 जीत मिली थी जिस कारण वो अंतिम पायदान पर थी। लेकिन इस बार केविन पीटरसन, महेला जयवर्धने और रॉस टेलर को टीम में शामिल कर दिल्ली ने अपनी सेना सहवाग के नेतृत्व में मजबूत कर ली है। दिल्ली की टीम इस सीजन की विजेता बनती है तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। आईपीएल-5 में अब तक के रोचक आंकड़े - अब तक कुल 5388 रन बन चुके हैं। - 2820 रन चौके और छक्के से बने हैं। - गेंदबाजों ने अब तक 254 विकेट चटकाए हैं। - गेंदबाजों ने इस सीजन में अब तक 1624 डॉट बॉल फेंके हैं। - अब तक कुल 188 छक्के लग चुके हैं। - अब तक केवल 5 गेंदबाजों (जहीर, मलिंगा, सिद्घार्थ त्रिवेदी, बालाजी और डेल स्टेन) ने मेडन फेके हैं।
Friday, 6 April 2012
सोनिया लिखकर दें, नहीं बढ़ेगी एक्साइज ड्यूटी

नई दिल्ली. गहनों पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग को लेकर सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल जारी है। सर्राफा व्यापारियों ने आज इस सिलसिले में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। सोनिया ने कहा कि सरकार मामले को देखेगी लेकिन सर्राफा व्यापारी इससे संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग को लेकर सोनिया से लिखित भरोसा मांगा है। सर्राफा व्यापारी वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से भी मिलने वाले हैं।
ममता के राज में मार्क्स और एंगेल्स के पाठ का द एंड
जिस पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादियों ने लगातार 34 साल शासन किया, वहां के पाठ्यक्रम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नए सिरे से लिखने की तैयारी कर रही हैं। यदि सब कुछ उनकी योजना के मुताबिक हुआ तो राज्य के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में से मार्क्सवाद के प्रवर्तक कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स के पाठ खत्म किए जा सकते हैं। एक सरकारी शिक्षा पैनल ने यह सुझाव दिया है। प्रस्ताव सामने आते ही राज्य में बहस छिड़ गई है और मुख्यमंत्री के मार्क्सवादी आलोचक गुस्से से लाल-पीले हो रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस अपने इस कदम को सही साबित करने के लिए तमाम तर्क दे रही है।
उसका कहना है कि इतिहास के पाठ्यक्रम में असंतुलन है और उसे दूर किया जाएगा। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन का कहना है कि सरकार इतिहास को नए सिरे से लिखने का प्रयास नहीं कर रही। हम किताबों में मार्क्स-एंगेल्स को विषय के रूप में पढ़ाने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की कीमत पर महिमा मंडित नही किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, इतिहास न मार्क्सवाद के साथ शुरू होता है और न पश्चिम बंगाल में मार्क्सवदियों की सरकार के पतन के साथ खत्म हो गया। वह अपनी गति से सबसे आगे चलता है। विवादित प्रस्ताव रखने वाली समिति के प्रमुख अविक मजूमदार के अनुसार, पश्चिमबंगाल की किताबों में मार्क्सवादी विचारधारा को अनावश्यक तवज्जो दी गई है। जबकि कई ऐतिहासिक घटनाओं और पात्रों को नजरअंदाज कर दिया गया है। इसमें सुधार जरूरी है।
समिति ने कक्षा चौथी से बारहवीं तक के पाठ्यक्रम का विवेचन किया है। वह अगले सप्ताह सरकार को नए पाठ्यक्रम का मसौदा सौंप देगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है : सोमनाथ चटर्जी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी ने सरकार द्वारा इतिहास के पाठ्यक्रम में फेरबदल के प्रयासों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की है।
उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि कौन मुख्यमंत्री को सलाह दे रहा है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण और विवाद का विषय है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी छात्रों को मार्क्स, एंगेल्स और रूसी क्रांति के बारे में पढ़ाया जाता है, तो यह सोच कर नहीं कि वे वामपंथी बन जाएंगे।
Wednesday, 14 March 2012
इतिहास के सबसे खतरनाक एनकाउंटर का यह है LIVE वीडियो
Friday, 24 February 2012
दो मंत्रियों पर भारी पड़ सकता है सोमवार

नई दिल्ली। कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बाद अब केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी आचार संहिता उल्लंघन के घेरे में हैं। राष्ट्रपति शासन लगने संबंधी बयान पर एतराज जताते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर सोमवार की दोपहर तक सफाई देने को कहा है। बेनी की सुनवाई भी उसी शाम दोनों पक्षों की मौजूदगी में होगी। इसलिये सोमवार दो मंत्रियों पर भारी पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न बनने की दशा में राष्ट्रपति शासन लगने का बयान देना जायसवाल के लिए मुश्किलों का सबब बन गया। एक तरफ जहां कांग्रेस नेतृत्व को यह बयान रास नहीं आ रहा है, वहीं आयोग ने भी नोटिस जारी कर दिया है। शुक्रवार को जारी नोटिस में आयोग ने माना है कि पहली नजर में उनका बयान आचार संहिता का उल्लंघन है जिसमें मतदाताओं को परोक्ष धमकी दी गई है।
उन्हें सोमवार की दोपहर दो बजे तक अपनी सफाई देने को कहा गया है। उधर, बेनी का मामला भी सोमवार तक टल गया है। शिकायतकर्ता और भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के आग्रह पर सुनवाई सोमवार की शाम को होगी। ध्यान रहे कि उत्तार प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने के बयान पर घिरे बेनी के आचरण पर आयोग ने पहले ही अपनी सख्त आपत्तिजता दी थी। बेनी ने आग्रह किया था कि कोई फैसला लेने से पहले उन्हें सुनवाई का एक मौका दें। सुनवाई के दौरान शाहनवाज को भी मौजूद रहना था। लेकिन बाद में उनके आग्रह पर सुनवाई की तिथि सोमवार तक बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष के अधिवक्ता भी मौजूद होते हैं। उनकी दलील सुनने के बाद आयोग अपना निर्णय लेता है। वैसे यह तय माना जा रहा है कि बेनी को कम से कम आचार संहिता उल्लंघन का दोषी करार दिया जाएगा। जबकि, भाजपा की ओर से कुछ कठोर निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा। गौरतलब है कि कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मामले में आयोग ने राष्ट्रपति को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। राष्ट्रपति ने कार्रवाई के लिए उस पत्र को प्रधानमंत्री को भेज दिया था।
सैफ को उकसाया गया थाः करीना

उस रात जो कुछ भी हुआ उसके बारे में मैंने अब तक कुछ नहीं कहा है, लेकिन मुझे लगता है अब चुप नहीं रहना चाहिए क्योंकि अब तक एकतरफा कहानी ही सामने आई है। इकबाल शर्मा नाम का यह शख्स पब्लिसिटी का भूखा है।
टूटी नाक और जबड़े के साथ कैसे कोई शख्स लगातार 10 घंटे से ज्यादा टीवी पर बोल सकता है? सैफ को उकसाया गया था। सैफ एक जेंटलमैन हैं और वह कभी लडा़ई-झगड़े में नहीं पड़ते, खासतौर से तब जब उनके आसपास इतनी महिलाएं हों। हम दोनों मुंबई के वासाबी रेस्तरां में डिनर कर रहे थे, तभी इकबाल हमारे पास आया और हम पर चिल्लाने लगा। उस समय रेस्तरां में सिर्फ शर्मा ग्रुप और हम थे।
हमलोग बातें कर रहे थे हंसी-मजाक कर रहे थे,लेकिन चिल्ला नहीं रहे थे! ऐसा कोई कारण नहीं था कि वो शख्स हमारी टेबल तक आए और सैफ पर चिल्लना शुरू कर दे। फिर भी, सैफ ने सॉरी कहा लेकिन इकबाल लगातार बड़बड़ाता रहा। लेकिन, अब वह बोल रहा है कि उसे नहीं मालूम था कि उस टेबल पर ऐक्टर्स बैठे हुए हैं। लेकिन, उसकी बीवी तरीना(ढोलऔर भूल भुलैया'फिल्म में काम कर चुकी है) और मलाइका ने थोड़ी देर पहले ही एक-दूसरे को ग्रीट किया था!
दिलचस्प बात यह है कि जब तरीना ने अपने पति को तमाशा करते देखा तब उसे रोकने के बजाय वह वहां से निकल गई। मार-पीट तब हुई जब इकबाल वॉशरूम से निकल रहा था और सैफ नीचे की ओर जा रहे थे। इकबाल ने सैफ को धक्का दिया और एक बूढ़े आदमी ने भी उसे जॉइन कर लिया।
जब शकील(अमृता के पति) और बिलाल ने सारा माजरा देखा तब वे सैफ को बचाने आ गए। सीनियर्स को कैसे सम्मान दिया जाता है, सैफ यह अच्छी तरह जानते हैं। सैफ यह भी जानते हैं कि पब्लिक प्लेस में कैसे बर्ताव किया जाता है।
मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रही कि मैं उनके साथ रिलेशनशिप में हूं, बलिक यह फैक्ट है।' सैफ की आंखे सूझ गई थीं। सैफ ने जो बयान दिया है उससे हम सब सहमत हैं और उनके साथ हैं। उस रात जो कुछ भी हुआ हम उसके गवाह हैं। मार-पीट की यह पूरी घटना निश्चत तौर पर उनके सिलेब्रिटी स्टेटस को टारगेट करने के लिए घटी। यह बड़ी घिनौनी बात है!
