भारत पर दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान ने एक नई आक्रामक रणनीति तैयार की है। इसके तहत पाकिस्तान अपने कब्जे वाले 72,971 वर्ग किलोमीटर गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके को 50 साल के लिए चीन को लीज पर देने का विचार कर रहा है। इस इलाके में दोनों देश विकास की आड़ में अपने सैन्य रणनीति को अमली जामा पहनाएंगे। मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के उर्दू अखबारों में छपी खबरों को आधार बनाकर यह रिपोर्ट जारी की है।कियानी के चीन दौरे पर बनी बात
रिपोर्ट के अनुसार गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके में रणनीतिक कार्यक्रम लागू करने का फैसला इस साल जनवरी में उस समय लिया गया जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परेवज कियानी चीन के दौरे पर थे। मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने इस रिपोर्ट को पाकिस्तान के बदतर होते हालात, अमेरिका से तनावग्रस्त होते संबंधः गिलगित-बाल्टिस्तान को 50 साल के लिए चीन को देने का विचार नाम के शीर्षक से जारी किया है।
चीन ने ही पाक के लिए बेस तैयार किए
कश्मीर के लिए हायतौबा मचाने वाला पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर के अहम इलाकों का नियंत्रण भी गुपचुप तरीके से चीन को सौंप रहा है। माना जा रहा है कि पूर्वी चीन से इन मार्गों के जरिए खाड़ी के पूर्व में स्थित बलूचिस्तान के गवादार, पासनी और ओरमरा तक सिर्फ 48 घंटे में ही जरूरी सामान और तेल के टैंकर पहुंचाए जा सकेंगे। बलूचिस्तान में इन तीन जगहों पर चीन ने ही पाक नौसेना के लिए बेस तैयार किए हैं।
जून में योजना पर लगेगी मुहर!
अमेरिकी थिंक टैंक ने इस रिपोर्ट पर कहा है कि पाकिस्तान और चीन गिलगित-बाल्टिस्तान में सैन्य रणनीति के तहत प्रबंधन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। रणनीतिक कार्यक्रम के तहत दोनों देश की सेनाएं एक दूसरे की मदद करेंगी। रणनीति के तहत पाकिस्तान की नॉर्दर्न लाइट इंफैन्ट्री और चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी संयुक्त अभ्यास के अलावा तकनीकी विशेषज्ञता का भी आदान प्रदान करेंगे। संभवतः यह रणनीति कार्यक्रम इसी साल जून से लागू होने की संभावना है।
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