2 जनवरी 2014, नववर्ष का दूसरा दिन, मौका अल्पमत की सरकार का विधानसभा के अन्दर विश्वास मत प्राप्त करने का..
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को छः महीने का जीवन मिलने का साक्षी बनने का गौरव दिल्ली विधानसभा को प्राप्त हो चुका है। इस सरकार को अब छः माह तक कोई गिरा नहीं सकता क्योंकि अविश्वास प्राप्त छः महीने के बाद ही इसके खिलाफ लाये जा सकते है, ऐसा संवैधानिक प्रावधान है।
आम आदमी पार्टी के मंत्री मनीष सिसौदिया ने अपनी अल्पमत की सरकार के लिए, अपने 18 सूत्री मांग के साथ विधानसभा सदस्यों के सामने विश्वास मत समर्थन का प्रस्ताव रखा और प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने विश्वास मत की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए चर्चा शुरू करवाया।
भाजपा के विधानसभा में नेता डा. हर्षवर्धन ने आप और कांग्रेस पर करारा प्रहार किया और अरविन्द केजरीवाल व मनीष सिसौदिया की संस्था को विदेश से प्राप्त फंड की जांच कराने का मुद्दा उठाया, डा. हर्षवर्धन ने कांग्रेस को बार-बार भ्रष्ट कांग्रेस और आप को अनैतिक गठबंधन करने को लेकर खिचाइ किया, उन्होंने विधानसभा को राजनैतिक मंच बनाने में भी पीछे नहीं रहे, वे यहां तक बोल गये कि किसी प्रकार का अनैतिक गठबंधन कर लिया जाय, नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से कोइ रोक नहीं सकता। डा. हर्षवर्धन काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे. उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया वे आम आदमी पार्टी के विश्वास मत के खिलाफ है। उन्होंने यहां तक कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने बच्चों का कसम खाया था कि किसी से न समर्थन लेंगे न देंगे, फिर ऐसी कौन सी विवसता है कि वे कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना रहे है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से अरविन्दर सिंह लवली विश्वास मत पर अपनी पार्टी की सोच को बड़े ही तरीके से विधानसभा के अन्दर रखा और कहा कि उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी की सरकार को विश्वास मत, तब तक जारी रखेगी, जब तक दिल्ली के विकास के लिए अपने घोषणा पत्र के अनुसार यह सरकार काम करती रहेगी, जरूरत पड़ने पर कांग्रेस पांच साल तक समर्थन देगी लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से यह भी कहा कि कोइ भी फैसला जल्दबाजी में न करें, अफसरों के चंगुल में न फंसे, साथ ही कहा कि निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच भी होनी चाहिए।
अरविन्दर सिंह लवली ने भाजपा नेता डा. हर्षवर्धन को कहा कि आधी सच्चाई की जगह पूरी सच्चाई बोले, गुमराह न करें। बंगारू लक्ष्मण, नितिन गडकरी व यदुरप्पा की पार्टी भ्रष्टचार की बात किस नैतिक अधिकार के साथ कर सकती है। अरविन्दर सिंह लवली ने यहां तक कहा कि सी.एम. इन वेटिंग मदन लाल खुराना, विजय कुमार मल्होत्रा, कुछ समय के लिए विजय गोयल फिर डा. हर्षवर्धन जिस प्रकार रह गये, उसी प्रकार नरेंद्र मोदी भी पी.एम. इन वेटिंग बने रहेंगे।
रामवीर सिंह विधुरी ने कांग्रेस के कार्यकाल में हुइ भ्रस्टाचार व उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले की कइ बातें विधानसभा में उठाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने का काम किया। जदयू के अकेले विधायक शोएब इकबाल ने आम आदमी पार्टी सरकार का बिना शर्त समर्थन देते हुए भाजपा द्वारा उठाये गये एक, एक सवाल पर बारी बारी से भाजपा पर प्रहार करने का जो सिलसिला शुरू किया उसका अंत विधानसभा की गरिमा पर आघात के साथ खत्म हुआ।
भाजपा द्वारा काश्मीर का मुद्दा, अरविन्द केजरीवाल द्वारा बच्चों की कसम की बात सदन में उठायी गइ दी, शोएब इकबाल ने कहा कि जब बार-बार राम की कसम खाते रहे, कि मंदिर वही बनाएंगे, उस कसम का क्या हुआ, इस पर भाजपा के विधायक शोएब इकबाल का विरोध् करने लगे, बात कामनवेल्थ गेम में हुइ भ्रष्टाचार पर पहुंची, फिर हंगामा, विरोध् और अंत में एक, दूसरे को देख लेने और सांढ़ तक बात पहुंच गइ और शोएब इकबाल ने कोट तक उतार दिया। प्रोटेम स्पीकार को कहना पड़ा सारा देश देख रहा है, सदन कपड़े उतारने की जगह नहीं है, विवाद बढ़ता देख मार्शल को बुलाना पड़ा और शोएब इकबाल को बैठा दिया गया।
भाजपा की ओर से तीन व कांग्रेस की ओर से दो विधायक ने विश्वास मत पर अपने विचार रखें। कांग्रेस के जयकिशन ने कांग्रेस सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यो पर प्रकाश डालते हुए रामवीर सिंह विधुरी से कहा कि 81ए पर अगर कांग्रेस सरकार ने गलत कार्य किया था तो हजारों व्यकित को लेकर अरविन्दर जी को धन्यवाद देने वे क्यों पहुंचे थे। जयकिशन ने दो मिनट के अन्दर कइ सवालों का जबाव इस प्रकार दिया कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीबाल भी उनकी बात गम्भीरतापूर्वक सुनते देखे गये। भाजपा की ओर से चौहान ने आम आदमी पार्टी पर कइ सवाल उठाया और कहा कि इनके विधायकों के पास इतनी-इतनी दौलत चल-अचल है फिर ये आम आदमी कहां से है, आम आदमी होता है। रेहड़ी वाला, आम आदमी मजदूर है, आम आदमी पार्टी सिर्फ जनता को गुमराह करने का काम करती रही है। इस पर आम आदमी पार्टी के विधायक यहां तक मंत्री राखी बिड़ला ने भी उनका विरोध् किया और सभी विधायक काफी उत्तेजित नजर आये, लेकिन उन्हें मनीष सिसौदिया ने शांत कर दिया। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सदन में भी अपनी बात, अपने चिर पिरचित अंदाज में रखा। जिस प्रकार रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण के बाद जनता को सम्बोधित करते हुए उन्होंने रखा था उसी प्रकार विधानसभा में भी रखा और स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचारी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जायेगा। 18 सूत्री कार्यक्रम दिल्ली के विकास में लागू किया जायेगा, साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा आम आदमी, सिर्फ झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले को समझती है, जबकि उनकी नजर में वे तमाम लोग आम लोग है जो भ्रष्टाचार से प्रभावित रहे है और देश का विकास चाहते है, चाहे वह स्लम में रहते हो या ग्रेटर कैलाश में।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे आम आदमी पार्टी के लिए समर्थन नहीं मांग रहे उन्हें आम लोगों की समस्याओं के निदान के लिए, किये जाने वाले विकास कार्यों के लिए समर्थन चाहिए। प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने कहा कि जिन्हें विश्वास मत का समर्थन करना है वे खड़े हो जाएं इस पर आम आदमी पार्टी के विधायक, कांग्रेस विधायक, जदयू विधायक खड़े हो गये जिनकी संख्या 37 थी, भाजपा और अकाली विधायक ने विश्वास मत का विरोध् किया और बैठे रहे। इस प्रकार विधानसभा के अन्दर सत्ता पक्ष, विपक्ष व जदयू विधायक के प्रत्येक कार्यशैली का सारा देश देखा।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को छः महीने का जीवन मिलने का साक्षी बनने का गौरव दिल्ली विधानसभा को प्राप्त हो चुका है। इस सरकार को अब छः माह तक कोई गिरा नहीं सकता क्योंकि अविश्वास प्राप्त छः महीने के बाद ही इसके खिलाफ लाये जा सकते है, ऐसा संवैधानिक प्रावधान है।आम आदमी पार्टी के मंत्री मनीष सिसौदिया ने अपनी अल्पमत की सरकार के लिए, अपने 18 सूत्री मांग के साथ विधानसभा सदस्यों के सामने विश्वास मत समर्थन का प्रस्ताव रखा और प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने विश्वास मत की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए चर्चा शुरू करवाया।
भाजपा के विधानसभा में नेता डा. हर्षवर्धन ने आप और कांग्रेस पर करारा प्रहार किया और अरविन्द केजरीवाल व मनीष सिसौदिया की संस्था को विदेश से प्राप्त फंड की जांच कराने का मुद्दा उठाया, डा. हर्षवर्धन ने कांग्रेस को बार-बार भ्रष्ट कांग्रेस और आप को अनैतिक गठबंधन करने को लेकर खिचाइ किया, उन्होंने विधानसभा को राजनैतिक मंच बनाने में भी पीछे नहीं रहे, वे यहां तक बोल गये कि किसी प्रकार का अनैतिक गठबंधन कर लिया जाय, नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से कोइ रोक नहीं सकता। डा. हर्षवर्धन काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे. उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया वे आम आदमी पार्टी के विश्वास मत के खिलाफ है। उन्होंने यहां तक कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने बच्चों का कसम खाया था कि किसी से न समर्थन लेंगे न देंगे, फिर ऐसी कौन सी विवसता है कि वे कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना रहे है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से अरविन्दर सिंह लवली विश्वास मत पर अपनी पार्टी की सोच को बड़े ही तरीके से विधानसभा के अन्दर रखा और कहा कि उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी की सरकार को विश्वास मत, तब तक जारी रखेगी, जब तक दिल्ली के विकास के लिए अपने घोषणा पत्र के अनुसार यह सरकार काम करती रहेगी, जरूरत पड़ने पर कांग्रेस पांच साल तक समर्थन देगी लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से यह भी कहा कि कोइ भी फैसला जल्दबाजी में न करें, अफसरों के चंगुल में न फंसे, साथ ही कहा कि निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच भी होनी चाहिए।
अरविन्दर सिंह लवली ने भाजपा नेता डा. हर्षवर्धन को कहा कि आधी सच्चाई की जगह पूरी सच्चाई बोले, गुमराह न करें। बंगारू लक्ष्मण, नितिन गडकरी व यदुरप्पा की पार्टी भ्रष्टचार की बात किस नैतिक अधिकार के साथ कर सकती है। अरविन्दर सिंह लवली ने यहां तक कहा कि सी.एम. इन वेटिंग मदन लाल खुराना, विजय कुमार मल्होत्रा, कुछ समय के लिए विजय गोयल फिर डा. हर्षवर्धन जिस प्रकार रह गये, उसी प्रकार नरेंद्र मोदी भी पी.एम. इन वेटिंग बने रहेंगे।
रामवीर सिंह विधुरी ने कांग्रेस के कार्यकाल में हुइ भ्रस्टाचार व उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले की कइ बातें विधानसभा में उठाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने का काम किया। जदयू के अकेले विधायक शोएब इकबाल ने आम आदमी पार्टी सरकार का बिना शर्त समर्थन देते हुए भाजपा द्वारा उठाये गये एक, एक सवाल पर बारी बारी से भाजपा पर प्रहार करने का जो सिलसिला शुरू किया उसका अंत विधानसभा की गरिमा पर आघात के साथ खत्म हुआ।
भाजपा द्वारा काश्मीर का मुद्दा, अरविन्द केजरीवाल द्वारा बच्चों की कसम की बात सदन में उठायी गइ दी, शोएब इकबाल ने कहा कि जब बार-बार राम की कसम खाते रहे, कि मंदिर वही बनाएंगे, उस कसम का क्या हुआ, इस पर भाजपा के विधायक शोएब इकबाल का विरोध् करने लगे, बात कामनवेल्थ गेम में हुइ भ्रष्टाचार पर पहुंची, फिर हंगामा, विरोध् और अंत में एक, दूसरे को देख लेने और सांढ़ तक बात पहुंच गइ और शोएब इकबाल ने कोट तक उतार दिया। प्रोटेम स्पीकार को कहना पड़ा सारा देश देख रहा है, सदन कपड़े उतारने की जगह नहीं है, विवाद बढ़ता देख मार्शल को बुलाना पड़ा और शोएब इकबाल को बैठा दिया गया।
भाजपा की ओर से तीन व कांग्रेस की ओर से दो विधायक ने विश्वास मत पर अपने विचार रखें। कांग्रेस के जयकिशन ने कांग्रेस सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यो पर प्रकाश डालते हुए रामवीर सिंह विधुरी से कहा कि 81ए पर अगर कांग्रेस सरकार ने गलत कार्य किया था तो हजारों व्यकित को लेकर अरविन्दर जी को धन्यवाद देने वे क्यों पहुंचे थे। जयकिशन ने दो मिनट के अन्दर कइ सवालों का जबाव इस प्रकार दिया कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीबाल भी उनकी बात गम्भीरतापूर्वक सुनते देखे गये। भाजपा की ओर से चौहान ने आम आदमी पार्टी पर कइ सवाल उठाया और कहा कि इनके विधायकों के पास इतनी-इतनी दौलत चल-अचल है फिर ये आम आदमी कहां से है, आम आदमी होता है। रेहड़ी वाला, आम आदमी मजदूर है, आम आदमी पार्टी सिर्फ जनता को गुमराह करने का काम करती रही है। इस पर आम आदमी पार्टी के विधायक यहां तक मंत्री राखी बिड़ला ने भी उनका विरोध् किया और सभी विधायक काफी उत्तेजित नजर आये, लेकिन उन्हें मनीष सिसौदिया ने शांत कर दिया। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सदन में भी अपनी बात, अपने चिर पिरचित अंदाज में रखा। जिस प्रकार रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण के बाद जनता को सम्बोधित करते हुए उन्होंने रखा था उसी प्रकार विधानसभा में भी रखा और स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचारी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जायेगा। 18 सूत्री कार्यक्रम दिल्ली के विकास में लागू किया जायेगा, साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा आम आदमी, सिर्फ झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले को समझती है, जबकि उनकी नजर में वे तमाम लोग आम लोग है जो भ्रष्टाचार से प्रभावित रहे है और देश का विकास चाहते है, चाहे वह स्लम में रहते हो या ग्रेटर कैलाश में।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे आम आदमी पार्टी के लिए समर्थन नहीं मांग रहे उन्हें आम लोगों की समस्याओं के निदान के लिए, किये जाने वाले विकास कार्यों के लिए समर्थन चाहिए। प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने कहा कि जिन्हें विश्वास मत का समर्थन करना है वे खड़े हो जाएं इस पर आम आदमी पार्टी के विधायक, कांग्रेस विधायक, जदयू विधायक खड़े हो गये जिनकी संख्या 37 थी, भाजपा और अकाली विधायक ने विश्वास मत का विरोध् किया और बैठे रहे। इस प्रकार विधानसभा के अन्दर सत्ता पक्ष, विपक्ष व जदयू विधायक के प्रत्येक कार्यशैली का सारा देश देखा।
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